मंगलवार, 5 नवंबर 2013

फूलों की रंगोली



 दीपावली चली गई परन्तु सबके जीवन में कुछ न कुछ प्रभाव अवश्य  छोड़ गई | दीपावली में प्राय:सभी घरों में रंगोली बनाई जाती है और गृहिणियां या बेटियां ही ये रंगोली बनाती है| नए नए प्रयोग भी करती है | इस दिवाली में हमारी दो बेटियों  ने मिलकर फूलों से रंगोली बनाई | उसका एक नमूना यहाँ आपसे साझा कर रहा हूँ | आशा है आपको पसंद आएगा |  










                                                                                 







                                                                                 


                                                                        
फूल और पत्तियों का रंगोली 

                                                     
                                                                           
कालीपद "प्रसाद"

19 टिप्‍पणियां:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
--
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज मंगलवार (05-11-2013) भइया तुम्हारी हो लम्बी उमर : चर्चामंच 1420 पर भी होगी!
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
दीपावली के पंचपर्वों की शृंखला में
भइया दूज की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
--
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज मंगलवार (05-11-2013) भइया तुम्हारी हो लम्बी उमर : चर्चामंच 1420 पर भी होगी!
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
दीपावली के पंचपर्वों की शृंखला में
भइया दूज की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

सुन्दर सांस्कृतिक पक्ष लेकिन ये हमारी एक बेटी रंगोली के पास चप्पल पहनके क्यों बैठी है ?बताओ इसको ऐसा नहीं करते बेटा -ये पूजा का प्रतीक है .

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

वाह बहुत सुंदर !

Digamber Naswa ने कहा…

वाह ... बहुत सुन्दर रंगोली के रंग ...

shashi purwar ने कहा…

waah bahut sundar. aapko dipawali ki hardik shubhkamnayen

mahendra mishra ने कहा…

bahut sundar rangoli . foto to behad achchhe lage ...

Neeraj Kumar ने कहा…

सुन्दर रंगोली ..

sadhana vaid ने कहा…

वाह ! बहुत ही सुंदर ! बधाई कालीपद जी ! आपकी बेटियाँ बहुत क्रिएटिव एवँ टेलेंटेड हैं ! उन्हें बहुत सा आशीर्वाद एवँ शुभकामनायें !

HARSHVARDHAN ने कहा…

आपकी इस प्रस्तुति को आज की बुलेटिन भाई दूज, श्री चित्रगुप्त पूजा और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

Asha Saxena ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति काली पद जी |
आशा

Rajeev Kumar Jha ने कहा…

बहुत सुंदर रंगोली के रंग .

Rewa tibrewal ने कहा…

wah bahut sundar

Tushar Raj Rastogi ने कहा…

दीपावली की हार्दिक शुभकमनाएं | जितनी सुन्दर रंगोली है उतनी ही सुन्दर आपकी बेटी | जय हो मंगलमय हो :) | बधाई

रविकर ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति है आदरणीय-
बहुत बहुत आभार-

ashish bhai ने कहा…

बहुत ही सुन्दर रंगोली सर व प्रस्तुति
नया प्रकाशन --: जानिये क्या है "बमिताल"?

Aparna Bose ने कहा…

very beautiful... your daughters are very talented

मदन मोहन सक्सेना ने कहा…

सुन्दर ,सार्थक रचना,बेहतरीन, कभी इधर भी पधारें
सादर मदन

Vinnie Pandit ने कहा…

Atisundar!
Vinnie,