सोमवार, 21 जुलाई 2014

वाह !क्या विचार है !

नेताजी कहते हैं, ''उत्तर प्रदेश में आबादी ज्यादा है ,
उस हिसाब से यहाँ बलात्कार बहुत कम है "
तो क्या नेताजी हिसाब लगाकर उत्तरं प्रदेश को
'बलात्कार' में सब राज्यों में अव्वल बनाना चाहता है ?

यह जनता का प्रश्न है |

कालीपद "प्रसाद "

12 टिप्‍पणियां:

Digamber Naswa ने कहा…

बेसिरपैर की बातें करना कोई ऐसे नेताओं से सीखे ... निंदनीय है ...

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

जनता का प्रश्न नहीं जनता का बस वोट होता है।

Kailash Sharma ने कहा…

नेताओं को जनता के दर्द का क्या पता होता है...

dr.mahendrag ने कहा…

नेताजी जो भी कहें वह थोड़ा ही है ,ऐसा नेता देश का पी एम बनने का ख्वाब देख रहा था , कल्पना कीजिये यदि दुर्भाग्य वश बन गए होते तो क्या क्या अपने मुखारविंद से फरमाते इन बेशर्मों को क्या कहा जाये ?

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
--
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल मंगलवार (22-07-2014) को "दौड़ने के लिये दौड़ रहा" {चर्चामंच - 1682} पर भी होगी।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

आशीष भाई ने कहा…

बढ़िया लेखन आदरणीय धन्यवाद !
Information and solutions in Hindi ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )

Pratibha Verma ने कहा…

बस नेताजी की तो बात ही मत पूछो...

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…

अक्ल का दिवाला निकल गया लगता है !

shashi purwar ने कहा…

yah nindniy hia besirpair kii baten karte hai

kuldeep thakur ने कहा…

वाह !क्या विचार है !
क्या बात है...

abhishek shukla ने कहा…

संसद हो या विधान सभा...नेता ऐसे ही .......होते हैं इनके लिए मन से हमेशा असंसदीय शब्द ही निकलते हैं...

jyoti khare ने कहा…

वाह !क्या विचार है