रविवार, 31 अगस्त 2014

गणपति वन्दना (चोका )


गणपतये नम:


विध्न हन्ताय 
ऋद्धि सिद्धि दाताय
पार्वती पुत्रं
अहम्  त्वम नमामि |
आरती करूँ 
जन गण विधाता 
विनायक का  |
मुसा पर सवार 
मोदक प्रिय 
लम्बोदर देवता 
मंगल मूर्ती 
गजेन्द्र मुंड धारी 
त्वम् नमामि |
महादेव नंदन 
करूँ वंदन
पद द्वय तुम्हारे 
गण हिताय 
गण पतये नम:
गण रक्षक 
गण राजाय नम:
वृहदाकार 
गज कर्णय  नम:
विद्या भण्डार 
विद्या दाताय नम:
महाभारत 
लिपिकायाय नम:
वुद्धि दाताय नम:|



चोका : ५+7+५+7+५+7 +...............+५+7+५+7+7 

कालीपद 'प्रसाद '
सर्वाधिकार सुरक्षित

10 टिप्‍पणियां:

निर्मला कपिला ने कहा…

बहुत सुन्दर चोका1

देवदत्त प्रसून ने कहा…

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति !

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
--
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (01-09-2014) को "भूल गए" (चर्चा अंक:1723) पर भी होगी।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

कालीपद "प्रसाद" ने कहा…

आपका हार्दिक आभार रूपचन्द्र शास्त्री जी !

कविता रावत ने कहा…

बहुत सुन्दर
जय श्री गणेश!
गणेशोत्सव की मंगलकामनायें।

आशीष भाई ने कहा…

बढ़िया सुंदर प्रस्तुति , आ. धन्यवाद !
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Maheshwari kaneri ने कहा…

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति

सदा ने कहा…

गणेशोत्‍सव की अनंत शुभकामनाएं

madhu singh ने कहा…

बहुत सुन्दर
जय श्री गणेश

Asha Joglekar ने कहा…

सुंदर गणपति वन्दना।