गुरुवार, 11 अप्रैल 2013

वासन्ती दुर्गा पूजा

                                                          

 
                                                              या देवी सर्व भूतेषु  शक्ति रूपेण संस्थिता ।
                                                              नमस्तसै नमस्तसै  नमस्तसै नमो  नम :। ।



                 आज से नव रात्रि का त्यौहार शुरू हो रहा है अर्थात दुर्गा पूजा शुरू हो रहा  है। जी हाँ इसे वासन्ती  दुर्गा पूजा या कहीं कहीं वासन्ती  पूजा भी कहते हैं क्योकि यह पूजा वसंत ऋतू में  किया जाता है। कहते हैं कि देवतावों ने पहली बार इसी समय महिषासुर वध  के लिए माँ दुर्गा का  आह्वान किया था और सब देवता ने अपने अपने अस्त्र -शत्र से सुसज्जित कर उनकी पूजा की और महिषासुर वध के लिए प्रार्थना की।   आदि काल से माँ की पूजा इसी समय  होती  आई है। परन्तु रावण  पर विजय पाने के लिए श्रीराम चन्द्र जी ने वर्षा ऋतू के बाद  माँ की पूजा आश्विन महीने किया था ,तब से माँ दुर्गा की पूजा आश्विन महीने में होते आया है।
माँ के पूजा/प्रार्थना  में प्रयुक्त होने वाले कुछ विशिष्ट मंत्र  से भक्त गण माँ से प्रार्थना कर सकते हैं।

सर्व मंगल मंगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्रम्बके गौरी   नारायणि नम:स्तुते।।
     
शरणागत दीनार्त  परित्राण परायणे।
सर्वस्यार्तिहरे  देवि  नारायणी नमो:स्तुते।।         

सर्वस्वरूपे   सर्वेशे   सर्वशक्ति समन्विते।
भयेभ्यस्त्राहि नो  देवि  दुर्गे देवि   नमो:स्तुते।।

जयन्ती  मंगला  काली   भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा  धात्री स्वाहा स्वधा नमो:स्तुते।।        


दुर्गे स्मृता हरसि भीतिम शेष जन्तो:
स्वस्थै: स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्र्यदु:ख भय हारिणि  का त्वदन्या
सर्वोपकार करणाय सदाद्राचित्ता।।

सर्वभूता   यदा  देवी स्वर्गमुक्तिप्रदायिनी।
त्वं स्तुता स्तुतये का वा भवन्तु परमोक्तय: ।।

सर्वबाधाप्रशमनं     त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि।
एवमेव   त्वया   कार्यमस्मद्वैरीविनाशनं।।    

माँ का वरदान।

सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो        धनधान्यसुतान्वित:  ।
मनुष्यों     मत्प्रसादेन    भविष्यति   न  संशय:  ।।

क्षमा प्रार्थना।

अपराध सहस्राणि क्रियन्ते अहर्निशं   मया।
दास: अयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरी।।   


संकलन :
कालीपद "प्रसाद "
  

18 टिप्‍पणियां:

Rajendra kumar ने कहा…

बेहतरीन प्रस्तुति,माँ दुर्गा सबका भला करें.

अज़ीज़ जौनपुरी ने कहा…

sarve bhavantu sukhinah sarve santu niramaya

आर्यावर्त डेस्क ने कहा…

प्रभावशाली ,
जारी रहें।

शुभकामना !!!

आर्यावर्त

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कालीपद "प्रसाद" ने कहा…

आभार ,आर्यवर्त का यूआरएल लिंक बताएं तो लोग-इन करने में आसानी होगी .

Unknown ने कहा…

जय मां दुर्गे! नव वर्ष की हार्दिक बधाई!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
--
नवरात्रों और नवसम्वतसर-२०७० की हार्दिक शुभकामनाएँ...!

Tamasha-E-Zindagi ने कहा…

वाह! बहुत खूब | अत्यंत सुन्दर रचना | जय मातारानी की | नवरात्री और नववर्ष की हार्दिक शुभकामनायें |

कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
Tamasha-E-Zindagi
Tamashaezindagi FB Page

संध्या शर्मा ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुतीकरण... आपका ब्लॉग ब्लॉगोदय के लेन 2 मे जोड़ दिया गया है.

कालीपद "प्रसाद" ने कहा…

धन्यवाद संध्या जी !

Ranjana verma ने कहा…

बेहतरीन रचना ,माँ दुर्गा की बहुत सुंदर प्रार्थना ....

विभा रानी श्रीवास्तव 'दंतमुक्ता' ने कहा…

नववर्ष और नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें !!

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

bahut acchhi prastuti........navratri ki hardeek shubhkamnaayen...

देवदत्त प्रसून ने कहा…

बैसाखी की लाख लाख वधाइयों के साथ -माता स्कन्द माता की जय जय कार !!

Tamasha-E-Zindagi ने कहा…

बेहद उम्दा | नवदुर्गा की आपको बहुत बहुत शुभकामनायें :)

अज़ीज़ जौनपुरी ने कहा…

behatareen nav durga ki hardik mangal kamnayen

Anita ने कहा…

जय माँ दुर्गे !

virendra sharma ने कहा…

सुन्दरम मनोहरं .

Unknown ने कहा…

Sunder Durga stawan. Anek abhar in mantron ke liye.