विध्न हन्ताय
ऋद्धि सिद्धि दाताय
पार्वती पुत्रं
अहम् त्वम नमामि |
आरती करूँ
जन गण विधाता
विनायक का |
मुसा पर सवार
मोदक प्रिय
लम्बोदर देवता
मंगल मूर्ती
गजेन्द्र मुंड धारी
त्वम् नमामि |
महादेव नंदन
करूँ वंदन
पद द्वय तुम्हारे
गण हिताय
गण पतये नम:
गण रक्षक
गण राजाय नम:
वृहदाकार
गज कर्णय नम:
विद्या भण्डार
विद्या दाताय नम:
महाभारत
लिपिकायाय नम:
महाभारत
लिपिकायाय नम:
वुद्धि दाताय नम:|
चोका : ५+7+५+7+५+7 +...............+५+7+५+7+7
कालीपद 'प्रसाद '
सर्वाधिकार सुरक्षित
